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The Madman, "Yes, three days, three centuries, three aeons. Strange they would always weigh and measure. It is always a sundial and a pair of scales."

Friday, April 27, 2012

क्या है


कौन है मुसाफिर, कहाँ है मंजिल
ऐसे में रास्ते की पहचान क्या है

बहारों को ओढ़े बे-रुखी उड़ आई है
फूल बेचारा फिर बेजान क्या है

हर जीती हुई लडाई का सिला यहाँ हार है
ज़िन्दगी जीता या मरता, इंसान क्या है

ख़ुद ने ख़ुद से भी जब कर रखा है पर्दा
किसे कहें अपना, अनजान क्या है

दिल का शहर तक जब लुट चुका
फ़िर ज़मीन क्या है, आसमान क्या
है

जो बोलना है वही जब बोल नहीं सकते
कैसी फिर दुआ, सलाम क्या है 




MADMAN'S DREAM

Wild magnets,
Red angry bubbles,
Blinding flashes of darkness-
The world is a madman's dream.

Gusts of wind,
Holding vengeful breath,
Pick out melting candles
With dying flames.

We are treading
Treacherous terrain,
Stepping stones
Of soft engulfing mud.

The blind eye in the sky
Sees it all
And sheds profuse tears,
Life-corroding acid.

The darkness causes decay
Disgust gives wings
Hatred gives strength.
I hate so I can fly,
Fly away.

नादान


सुबह निकलता हूँ जब,
निकलता हूँ इश्क को ठोकर मार के,
मजबूरन उसकी खुली बाहों में
शाम को लौट जाने के लिए.
   

तेरे बिना



सुनी थी एक बार जो ग़ज़ल, गूँज रही है ज़हन में अब तक
कुछ नए बोल, छुप-छुप के पन्नो से, देखते ज़रूर हैं

इश्क का जाम पीकर अरसे से रूह प्यासी पड़ी है
बहती नदियों में कितनी ही दफा हम हाथ धोते ज़रूर हैं 

जान अटक जाती है बार-बार जा के तेरे घर की गली में
हम निकाल तो लाते हैं, फिर जियें किसके लिए, सोचते ज़रूर हैं

नींदें उड़ा के हमारी, तूने चाँद भी छुपा लिया
याद करके तुझे, रातों में अपनी, चांदनी घोलते ज़रूर हैं

चहरे तो तुझसे हसीं कई मिल जायेंगे इस भरे शहर में
तारे जलाकर आसमान में, तेरी रूह खोजते ज़रूर हैं

MONSOON GIFT


My thoughts,
Drunk with your memories,
Fly out
And float around,
Like clouds, in a stupor...

They dive down
When they see you,
Unabashed, shameless,
In a chaotic symphony,
Singing songs of your beauty...

So when it rains,
Don't hide...
Soak a li'l in my love.

चुन-चुन के ख़्याल, भीगे हुए तेरी याद में
पिरोये हैं मैंने बादल, प्यासे आसमान में

गरज-गरज, गरज-गरज बुला रहा है नाम तेरा
बिजलियाँ जलाये फिर रहा, बांवरा तेरी तलाश में

गुनगुना रही हैं बूँदें जो गीत, लिखा है तेरे लिए
क्या सूखा-सूखा जी रहा है, आ तर होजा मेरे प्यार में

दर्द, मेरा यार

शायरी कहलाया अगर पन्नो पर बह आया 
दर्द जो नसों में खून बना फिरता है 

रात को सपनों में ये चीखता-चिल्लाता है 
दिन में आँखों से झाँकने से भी डरता है 

तुम्हे तो हंस कर अभी यहाँ से रुखसत कर देगा
तनहाई में बैठा मुझसे जिरह करता है 

जो तुमने सुनी है वो ग़ज़ल अधूरी है 
पूरी उसे, सीने में बैठा, चुप-चाप करता है 



Sunday, April 8, 2012

BURNING

Burning candles burn;
They give light to show Darkness
His way into me.

GROWING UP


A word buried deep inside
Loses voice on its way out;
Ears made deaf by too much life
Greet it with claps and shouts.

Too many truths spewed like advice
Lie ignored, hated, despised;
Where ignorance is peace
Falsehood will suffice.

Time's healing hand pushes the blade deeper,
Hope sings the shrillest lullaby,
There is nothing scarier than sweet dreams
When you learn the truth about life.

The sun shines for those
Who have mirrors for eyes;
For some gloom fills the view
And the day is never bright.

No matter how well you play it,
Music is noise in a cacophony filled room;
It's better to remove the strings
When the instrument can't be tuned.