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The Madman, "Yes, three days, three centuries, three aeons. Strange they would always weigh and measure. It is always a sundial and a pair of scales."

Friday, April 27, 2012

दर्द, मेरा यार

शायरी कहलाया अगर पन्नो पर बह आया 
दर्द जो नसों में खून बना फिरता है 

रात को सपनों में ये चीखता-चिल्लाता है 
दिन में आँखों से झाँकने से भी डरता है 

तुम्हे तो हंस कर अभी यहाँ से रुखसत कर देगा
तनहाई में बैठा मुझसे जिरह करता है 

जो तुमने सुनी है वो ग़ज़ल अधूरी है 
पूरी उसे, सीने में बैठा, चुप-चाप करता है 



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