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The Madman, "Yes, three days, three centuries, three aeons. Strange they would always weigh and measure. It is always a sundial and a pair of scales."

Sunday, June 16, 2013

हमे देख के मुस्कराना

आज भी नहीं भूलते हमे देख के मुस्कराना
क्या अदा है, तड़पते को और तड़पाना

हर पल साथ है साथ गुज़ारा हुआ हर पल
कल को आज फ़िर सहेज लें, कल का क्या ठिकाना


रोक लूँ आज चाँद को चढ़ने से पहले
रोक दूं चढ़ती लेहरों का आँखों मे भर जाना


बे-वजह तन्हाई मे यादों का बोझ उठाना
कब तक उस ग़म के सहारे ज़िंदगी बिताना?

रीढ़ के सहारे से ही पार लगती है
बेहद मुश्किल है उम्र दिल के सहारे पार लगाना

सुखों से भरी है सारी दुनिया, सुख का क्या है
ख़ुशी मिले कभी, तो मुझे भी दिखाना

तुम्हारे लिये नहीं है ऐसी बातें समझना
मेरे लिये नहीं है ऐसी बातें समझा पाना

Saturday, June 15, 2013

बहने दो

जो बह रहा है, उसे बहने दो
जो ठहरा है उसे रहने दो

बनना टूटना लगा रहेगा यूं ही
वक़्त का ये रंग बदलना सहने दो

सच्ची कहानी तुमने तो सुनाई नहीं
मेरा आधा सच मुझे कहने दो

MESSAGE


I’ve sent you a message.
You'll find it floating in space,
Circling around the thought
I had written on the moon.
Look up at the night sky,
Feel that cool blue,
Drink it up.
It’s flowing around in your head,
Fill your heart with it,
Let it drench your soul,
Embrace it with both arms,
Till you hear it whispering in your ear
The message I had meant to send,
When last night I was staring into the moon
And thinking about your eyes.