About Me

My photo
The Madman, "Yes, three days, three centuries, three aeons. Strange they would always weigh and measure. It is always a sundial and a pair of scales."

Thursday, June 5, 2014

रात रखी है सीने पे

रात रखी है सीने पे
रिस रहा है अंधेरा आँखों में
महक रहा है मौसम, जैसे आवाज़ लगा रहा हो ख़्वाबों को
आख़री बार निकला है दिल ढूँढने तुझे, कल की तरह
टहलते-टहलते ठहर गया है बादलों की दलीज़ पे पहुँच के
छुप के झाँकते चाँद की सौंधी रौशनी को देखा
तू नज़र आ गया
धीरे से टपका जो एक सुनहरा आँसू दामन फैलाये पसरी नदी मे
एक तैरता बिखरता अक्स बना, जैसे धड़कन हो
देख के उसे चाँद हँसा तेरी हँसी
दिल की तलाश पूरी हो गयी
सुबह हो गयी

No comments:

Post a Comment